Friday, August 21, 2020

टीम इंडिया को 'कड़कनाथ' खाने की सलाह, कृृषि विज्ञान केंद्र ने BCCI व कोहली को लिखा पत्र

झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के कृृषि विज्ञान केंद्र ने यहां पाए जाने वाले कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गे को भारतीय क्रिकेट टीम की नियमित डाइट में शामिल करने की सलाह दी है। इस बारे में केंद्र ने बीसीसीआई और कप्तान विराट कोहली को पत्र लिखा है।

कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गे में फैट व कोलेस्ट्रॉल कम होने और प्रोटीन अधिक होने से ये सलाह दी गई है। अगर बीसीसीआई और कप्तान कोहली इस पर विचार करते हैं तो झाबुआ के कड़कनाथ की ख्याति और बढ़ेगी। पिछले कुछ समय में लगातार इसकी मार्केटिंग के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले साल राज्य सरकार ने कड़कनाथ एप लांच किया और साल 2017 में ही कड़कनाथ को झाबुआ का जीआई टैग भी मिला था।

कृृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आइएस तोमर ने बताया कि पत्र में पूरी टीम के लिए सलाह दी गई है कि कड़कनाथ को नियमित डाइट में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पता चला था कि विराट कोहली और टीम इंडिया के कुछ सदस्य भोजन में ग्रिल्ड चिकन ले रहे थे, लेकिन अधिक कोलेस्ट्रॉल और अधिक फैट होने से इसे बंद करना पड़ा। ऐसे में कड़कनाथ चिकन सही और पूरक साबित हो सकता है।

पत्र में लिखा गया है कि नेशनल रिसर्च सेंटर, हैदराबाद की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि कड़कनाथ चिकन में अधिक प्रोटीन और आयरन है। काला रंग, हड्डियां भी काली कड़कनाथ प्रजाति का मुर्गा पूरी तरह से काले रंग का होता है। इसकी हड्डियां, मांस और रक्त भी काला होता है। आदिवासी बोली में इसे कालमांसिया भी कहा जाता है

 

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